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बजट 2017-18 के मुख्‍य बिन्दु

केन्द्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली ने वित्त वर्ष 2017-18 का बजट पेश किया। बजट के इतिहास में यह पहला मौका है जब रेल बजट भी आम बजट के साथ पेश किया जा रहा है। अभी तक बजट 28 फरवरी को पेश होता था, लेकिन इस बार सरकार 1 फरवरी को बजट पेश कर रही है। * इनकम टैक्स घटाया। * 2.5 से 5 लाख तक आय पर 5 फीसदी टैक्स। अब तक 10 फीसदी था। * 3 लाख रुपए तक अब कोई टैक्स नहीं। * राजनीतिक दल 2000 रुपए से ज्यादा चंदा नकद में नहीं ले सकेंगे। * पार्टी फंड के लिए दानदाता खरीद सकेंगे बांड। * अब सिर्फ 2 हजार रुपयों तक ही कैश में चंदा ले पाएंगी राजनीतिक पार्टियां। चेक-डिजिटल मोड से चंदा * धार्मिक डोनेशन पर टैक्स छूट घटी। * भूमि-अधिग्रहण पर मुआवजा कर-मुक्त होगा * 8 नवंबर से 30 नवंबर के दौरान 1.09 करोड़ खातों में औसत 5 लाख से अधिक जमा। * अब तीन लाख से ज्यादा के नकद लेन-देन की इजाजत नहीं। * 50 करोड़ की आय वाली कपंनियों का टैक्स...

Problem solving & Decision making

Decision-making, in brief, is selecting a course of action from alternatives.  In actual practice, decision-making should be thought of as a process which includes five steps:   Define the problem. Few problems are really clear cut, and usually the symptoms are more apparent than the causes.  Symptoms offer valuable clues to underlying problems, but until you have identified the real problem, or problems, you’re not ready for Step 2.   Gather the facts and data. Decision-making requires that you gather all the data that might have a bearing on the problem.  For the most part, data will consist of facts, opinions and assumptions obtained from observations, records, or other people.  If key information is not available, delay your decision until you get it.  In some cases, ho...

7 Things Emotionally Intelligent People Don’t Do

The restaurant manager who speaks with poise and grace to the patron complaining loudly about the wait service. The levelheaded friend you call in your greatest times of need. The compassionate but composed rescue worker who aids victims after a natural catastrophe. The partner who angers rarely, forgives easily, and assumes accountability for their actions. The successful CEO who balances her profession, her family responsibilities, and her personal hobbies with equal measures of calm and confidence. What do these people have in common? In two words: Emotional Intelligence. A relatively new trend in the realm of pop culture and psychology today, Emotional Intelligence — or EQ — has existed since the beginning of time. According to Psychology Today, the preeminent site for mental health ed...

समय के आगे….

आप सभी ने टोपीवाला और बन्दर की कहानी सुनी होगी। आज कुछ आगे क्या हुआ उसे पढें। दो छोटे छोटे गॉव थे | दोनों गॉवो के बीच जंगल था | इस जंगल मे बहुत सारे बन्दर थे | एक दिन एक टोपीवाला टोपियां बेचने के लिए इस जंगल से होकर दूसरे गॉव जा रहा था | वह चलते चलते थक गया | उसने अपना टोपियों से भरा संदूक एक पेड़ के निचे रखा और बैठकर आराम करने लगा | थोड़ी ही देर मे उसे नींद आ गयी |जब टोपीवाले की नींद खुली, तो वह चौक उठा | उसका संदूक खुला था और सारी टोपियां गायब थी | इतने मे उस बंदरो की आवाज सुनाई दी | उसने ऊपर देखा | उस पेड़ पर बहुत सारे बन्दर बैठे थे | सभी बंदरो ने अपने सर पर टोपी पहनी थी | टोपीवाले को बहुत गुस्सा आया | उसने पथ्थर उठा उठा कर बंदरो को मारना शुरू कर दिया | उसकी नक़ल करते हुए बंदरो ने भी पेड़ से फल तोड़ तोड़ कर टोपीवाले की और फेखना शुरू कर दिया | अब टोपीवाले कीसमझ मे आ गया की वह बंदरो से टोपिया कै...

History repeats : Learn from it

ऐसा कहते हैं कि इतिहास दोहराता है क्योंकि हम इतिहास से कुछ सिखते नहीं है। एक बार कुछः वैज्ञानिको ने एक बड़ा ही दिलचस्प प्रयोग किया। उन्होंने पांच बंदरों को एक बड़े से पिजड़े में बंद कर दिया और बीचों -बीच एक सीढ़ी लगा दी जिसके ऊपर केले लटक रहे थे। जैसे ही एक बन्दर की नज़र केलों पर पड़ी वो उन्हें खाने के लिए दौड़ा , पर उसने कुछ सीढ़ियां चढ़ीं उस पर ठण्डे पानी की तेज धार डाल दी गयी और उसे उतर कर भागना पड़ा। एक बन्दर के किये गए की सजा बाकी बंदरों को भी मिलि और सभी को ठन्डे पानी से भिग न पड़ा । बेचारे सारे बन्दर हक्का-बक्का एक कोने में दुबक कर बैठ गए । पर वे कब तक बैठे रहते , कुछ समय बाद एक दूसरे बन्दर को केले खाने का मन किया , और वो उछलता कूदता सीढ़ी की तरफ दौड़ा …अभी उसने चढ़ना शुरू ही किया था कि पानी की तेज धार से उसे नीचे गिरा दिया गया … और इस बार भी इस बन्दर के गुस्ताखी की सजा बाकी बंदरों को भी दी गयी ।...

High Court Confirms Life Term to Union Leaders

  Seven years after the murder of the Vice President HR of Coimbatore based Pricol Limited the Madras high court has confirmed the life sentence awarded to two union leaders charged of the murder. Following unrest among workers, the VP – HR Mr. Roy J George was attacked right inside his cabin in the company premises located in Periyanaickenpalayam by a group with iron rods in 2009. He sustained multiple head injuries in the attack and later died in a privat3e hospital. An alumnus of IIM C, he was reportedly spearheading efforts to bring back normalcy in the company and had dismissed 42 employees of the company over labour issues. Following the murder, charges were framed against 27 employees and trade union leaders of the company. On December 2, 2015, a special Court for Bomb Blast Ca...

Employees at the Renault Nissan will get highest pay increase the auto industry

CHENNAI: Employees at the Renault Nissan alliance plant in Oragaddam will get highest pay increase the auto industry has ever seen after the employees union signed a 3 year agreement with the management. According to the agreement, all 3,750 employees will get a flat increase of Rs 19,100 per month at the end of the third year. The employees are currently earning an average of Rs 33,000 per month, thus bagging a 57% hike. The agreement, effective from 1 April 2016 entails a host of benefits for the employees of the Renault-Nissan alliance. Besides the rise, the employees will be covered under group term insurance worth 2 times of cost-to-company or Rs 15 lakh, whichever is higher. They will also be eligible for medical insurance upto Rs 2 lakh, parents and dependants included. Car market l...

Cost To Company

Cost to Company ( CTC ) क्या है? बार बार ये सवाल HR Professionals को परेशान करता रहता है। तनख़ाह के अलावा अगर कम्पनी घर देती है या अन्य सुविधा देती है तो क्या वो CTC में गिने जायेंगे? चलो इसे एक आसान तरीके से समझने की कोशिश की जाय। एक शहर मे एक व्यक्ति पोल्ट्री फार्म चलता था। काफी सारी मुर्गी उस पोल्ट्री फार्म मे होती थी । ये व्यवसाय अच्छा चल रहाथा। एक दिन , एक सरकारी अफसर इस पोल्ट्री फार्म पर आता है और मालिक से पूछा ” मुर्गी को क्या खिलते हो?” मालिक ने बताया कि “साहब , हम मुर्गियो को मिनरल पानी पिलाते हैं और अच्छे से अच्छि क्वालिटी के दाने खिलते हैं।” इस पर सरकारी अफसर ने बताया कि वो इंकंटेक्स विभाग से हैं, और इस व्यवसाय मे इतना मुनाफा ही नहीं है कि आप मुर्गीओ को ये सब खिला पिला सको। बेचारे मालिक के खिलाफ चालान बन गया। दुखी मालिक ने फिर अपना व्यवसाय आरम्भ किया, अच्छ...

बैंगन का भरता

जिंदगी के कीमती वर्ष HR में गुजारने के बाद भी असमंजस ही रहता है की मुझे Employer की तरफ या Employee की तरफ रहना चाहीए? दोनों के बीच का बेलैंस तो दूर की ही बाद है। इसे समझने का इस कहानी से अच्छा ओर क्या तरीका हो सकता है। एक राजा था, जिसका रसोइया सीताराम था। सीताराम काफी वर्षों से राजा को अच्छे से अच्छा खाना बनाता एवं राजा का काफी करीबी माना जाता था। एक दिन सीताराम ने बैंगन का भरता बनाया । राजा उस दिन काफी खुश था । राजा ने बैंगन के भरते की काफी तारीफ की। राजा ने कहा “सीताराम, क्या भरता बनाया है” ! सीताराम ने भी बैंगन की काफी तारीफ की और कहा साहब बैगन चीज़ ही ऐसी है – गोल गोल , मोटा मोटा… फिर कुछ दिन बाद सीताराम ने वही बैंगन का भरता बनाया। वही स्वाद था । परंतु आज राजा का मन खुश न था। राजा ने कहा ” सीताराम क्या भरता बनाया है”! सीताराम ने भी बैंगन की बुराई की ...

Sacked without valid Reason

Bengaluru, resently, A 27-year-old techie has finally got justice in the form of compensation of Rs 12.5 lakh, after she was sacked without any reason by her US-based company In India. According to a report published, the woman employee,  had joined the company as technical system analyst on July 16, 2012 and after three months, she had got her confirmation letter. She was initially noted by her company managers for her exceptional performance for which she even got a salary hike of 8% on May 8, 2013, while her colleagues got a hike of 5% only. Moreover, she even received a certificate of appreciation and a letter from her boss saying, “I appreciate your ongoing contribution and I am pleased to have you as member of our team, Congratulations.” Besides, she also got a lucrative ...

गधे की लात

कहते है कि गधे की लात से कभी गधा मरा नहीं है। परंतु ये भी बात इतनी सही है कि अपने ही अपने को मारते है।HR के recruiter में HR ही सबसे ज्यादा परेशांन करते है। इस से के कहानी याद आती है : एक बार एक कुत्ते और गधे के बीच शर्त लगी कि जो जल्दी से जल्दी दौडते हुए दो गाँव आगे रखे एक सिंहासन पर बैठेगा… वही उस सिंहासन का अधिकारी माना जायेगा, और राज करेगा. जैसा कि निश्चित हुआ था, दौड शुरू हुई. कुत्ते को पूरा विश्वास था कि मैं ही जीतूंगा. क्योंकि ज़ाहिर है इस गधे से तो मैं तेज ही दौडूंगा.  पर अागे किस्मत में क्या लिखा है … ये कुत्ते को मालूम ही नही था. शर्त शुरू हुई. कुत्ता तेजी से दौडने लगा.  पर थोडा ही आगे गया न गया था कि अगली गली के कुत्तों ने उसे देख काटने, भौंकने और पकड़ने लगे.  और ऐसा हर गली, हर चौराहे पर होता रहा.. जैसे तैसे कुत्ता बचता बचाता, हांफते हांफते सिंहासन के पास पहुंचा.. तो ...

कॉर्पोरेट पोलिटिक्स

  हम  अक्सर बात करते है कि कंपनी मे बहुत पॉलिटिक्स हे, लोग बहुत गेम खेलते है, मजा नहीं आता…… पर सबसे बड़ा सवाल ये है कि लोग ये कहा से सीखते है, कोई स्कूल मे या कॉलेज मे तो पढ़ाया नहीं जाता । फिर ये कहा से आता है? बहुत सोचा तब कही मै इस समस्या की नींव तक पहुच सका। एक बार शाम को घर पंहुचा। श्रीमती ने खाने के सुझाव मांगे औऱ मेरे हर सुझावो को एक या दुसरे कारण से नकार दिए गए। मैने कहा, आलू बना लो – कारण दिया आलू गैस करते हैं। मैने कहा भिन्डी बना लो- जवाब दिया अभी तो खाइ थी। औऱ अंत मे श्रीमति ने कहा बैगन कैसा रहेगा? मेरे पास कोई जवाब नहीं था बल्कि हाँ ही कहना था। श्रीमति हँसती हुई  डिनर बनाने चली गई। डिनर टेबल पर जब खाना आया, हमारी बेटी चिल्लाई, ” मम्मी ये क्या सब्जी बनाई है? You don’t have choice”. दोस्तों यही से बच्चे पॉलिटिक्स की A B C D सिखते हैं। बेट...

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